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laxmi chalisa lyrics in hindi

श्री हरी vishnu chalisa lyrics in hindi 2023

vishnu chalisa lyrics in hindi हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान विष्णु को सबसे पूजनीय देवताओं में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु ही सृष्टि के पालनकर्ता है। इन्होने दैत्यों का वध करने के लिए कई अवतार लिए। ऐसा माना जाता है भगवान् विष्णु ने अब तक 24 अवतार लिए है। उनके हर अवतार है जुड़ी अलग अलग कथाये प्रचलित है।
भगवान् विष्णु को प्रसन्न करने के लिए लोग कई प्रकार से उनकी पूजा अर्चना करते है, मंत्र आदि का पाठ करते है। इसी क्रम में भगवान विष्णु का चालीसा भी अत्यधिक फलदायक है। इस चालीसा का पाठ करने से भगवान् विष्णु प्रसन्न होते है और मनचाहे फल का आशीर्वाद देते है।

vishnu chalisa lyrics in hindi

लड्डू की रेसिपी

vishnu chalisa lyrics in hindi

दोहा

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥

विष्णु चालीसा

नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी ।
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥

सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत ।
तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ॥

शंख चक्र कर गदा विराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे ।
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥

सन्तभक्त सज्जन मनरंजन, दनुज असुर दुष्टन दल गंजन ।
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन, दोष मिटाय करत जन सज्जन ॥

पाप काट भव सिन्धु उतारण, कष्ट नाशकर भक्त उबारण ।
करत अनेक रूप प्रभु धारण, केवल आप भक्ति के कारण ॥

धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा, तब तुम रूप राम का धारा ।
भार उतार असुर दल मारा, रावण आदिक को संहारा ॥

आप वाराह रूप बनाया, हिरण्याक्ष को मार गिराया ।
धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया, चौदह रतनन को निकलाया ॥

अमिलख असुरन द्वन्द मचाया, रूप मोहनी आप दिखाया ।
देवन को अमृत पान कराया, असुरन को छवि से बहलाया ॥

कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया, मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया ।
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया, भस्मासुर को रूप दिखाया ॥

वेदन को जब असुर डुबाया, कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया ।
मोहित बनकर खलहि नचाया, उसही कर से भस्म कराया ॥

असुर जलन्धर अति बलदाई, शंकर से उन कीन्ह लड़ाई ।
हार पार शिव सकल बनाई, कीन सती से छल खल जाई ॥

सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी, बतलाई सब विपत कहानी ।
तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी, वृन्दा की सब सुरति भुलानी ॥

देखत तीन दनुज शैतानी, वृन्दा आय तुम्हें लपटानी ।
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी, हना असुर उर शिव शैतानी ॥

तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे, हिरणाकुश आदिक खल मारे ।
गणिका और अजामिल तारे, बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे ॥

हरहु सकल संताप हमारे, कृपा करहु हरि सिरजन हारे ।
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे, दीन बन्धु भक्तन हितकारे ॥

चाहता आपका सेवक दर्शन, करहु दया अपनी मधुसूदन ।
जानूं नहीं योग्य जब पूजन, होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन ॥

शीलदया सन्तोष सुलक्षण, विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण ।
करहुं आपका किस विधि पूजन, कुमति विलोक होत दुख भीषण ॥

करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण, कौन भांति मैं करहु समर्पण ।
सुर मुनि करत सदा सेवकाई, हर्षित रहत परम गति पाई ॥

दीन दुखिन पर सदा सहाई, निज जन जान लेव अपनाई ।
पाप दोष संताप नशाओ, भव बन्धन से मुक्त कराओ ॥

सुत सम्पति दे सुख उपजाओ, निज चरनन का दास बनाओ ।
निगम सदा ये विनय सुनावै, पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै ॥

vishnu chalisa lyrics in hindi

By T-series

Q-1 भगवान विष्णु जी किसका ध्यान करते हैं?

Ans-1 हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान् विष्णु भगवान् शिव जी का ध्यान करते थे। भगवान् शिव को महाकाल कहा जाता है इसलिए सभी देवता उनका ध्यान करते है।

Q-2 विष्णु भगवान की पत्नी कितनी थी?

A-2 भगवान् विष्णु कि एक ही पत्नी है माता लक्ष्मी जिन्हे धन और वैभव की देवी माना जाता है। परन्तु जब श्री हरी ने कृष्ण रूप में अवतार लिया था तब उनकी 16108 पत्निया थी।

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